सोमवार को करें यह काम, होगी धन की बारिस
सोमवार ब्रत कथा विधि
'मम क्षमेमस्थैय विजय -रोग्येश्वर्यावध्यर्थ सोमवरातं करिषय' से संकल्प कर शिव पूजन करें |ओइम नमो दश भुजाए त्रिनेत्रय पन्चवाद्नाया शूलिने | श्वेत वृषभारुधय अनुभरण भूषणिता उमादेहार्धस्थाय नमोस्तुते सर्वभूत 'से से ध्यान करे, या' नमः सहमति 'से शिवजी का,' ओइमं नमः लहर 'से उमा-पार्वती जी का षडस्प्रोपचार पूजन करे |
इन्ही मंत्रो का शताण जप और हवन करें | सोमवार के व्रत को सोलह सोमवार तक, फिर फिर उद्धरण करें | इस समय के प्रभाव से सभी प्रकार के सुखों की प्रस्तुति होती है
सोमवार का व्रत साधारणतया दिन के तीसरे पहर तक होता है | व्रत में फलाहार या पारायण का कोई विशेष नियम नहीं है; किन्तु यह आवश्यक है केवल एक ही समय भो जन करना चाहिए |
सोमवार के व्रत में भगवान शंकर और पार्वतीजी का पूजन करना चाहिए सोमवार के व्रत तीन प्रकार के है -साधारण प्रति सोमवार सौम्य प्रदोष और सोलह सोमवार | पूजनविधि तीनो एक एक जैसा है | शिव पूजन के पश्चात कथा सुननी चाहिए | सोमवार, प्रदोषवितत और सोलह सोमवार - तीनो व्रत की कथा अलग-अलग हैं जो आगे लिखी गई हैं